💊 निशांत फार्मा प्रो
दवा दुकान — अब स्मार्ट तरीके से
जो काम पुराने सॉफ्टवेयर में घंटों लगते थे — यहाँ सेकंड में होते हैं।
जीएसटी ऑटो मैपिंग · क्लाउड बैकअप · बैच-वाइज़ स्टॉक · मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों
👉 Chrome menu ⋮ → Add to Home Screen
👉 मोबाइल पर: Chrome मेनू ⋮ → होम स्क्रीन पर जोड़ें → इंस्टॉल करें
⚠️ Windows पर इंस्टॉल करते समय रुकावट आ सकती है
Windows 11 में Smart App Control नाम की सुरक्षा होती है जो नए सॉफ्टवेयर को रोकती है। घबराएं नहीं — यह सॉफ्टवेयर पूरी तरह सुरक्षित है।
इस तरह ठीक करें:
- १. Start menu में Windows Security खोजें और खोलें
- २. App & browser control पर क्लिक करें
- ३. Smart App Control को Off करें
- ४. अब .exe फाइल दोबारा चलाएं — इंस्टॉल हो जाएगा
- ५. इंस्टॉल होने के बाद Smart App Control वापस On कर सकते हैं
पुराने सॉफ्टवेयर की परेशानियाँ — यहाँ खत्म
देश में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाले फार्मेसी सॉफ्टवेयर में यह सब नहीं है
| सुविधा | पुराना सॉफ्टवेयर | निशांत फार्मा प्रो |
|---|---|---|
| जीएसटी-मोबाइल ऑटो मैपिंग | ❌ | ✅ |
| क्लाउड बैकअप | ❌ | ✅ |
| बैच-वाइज़ स्टॉक | ❌ | ✅ |
| मोबाइल पर चलेगा | ❌ | ✅ |
| जीएसटी बिलिंग | ✅ | ✅ |
| एक्सपायरी अलर्ट | ✅ | ✅ |
| खरीद एंट्री | ✅ | ✅ |
| उधारी खाता | ✅ | ✅ |
खासियतें
मेडिकल स्टोर और फार्मेसी के लिए
कैसे उपयोग करें
मूल्य
📖 उपयोगकर्ता पुस्तिका
निशांत फार्मा प्रो — पूरा गाइड
🔐 चरण १ — लॉगिन करें
पहली बार उपयोग करने पर:
- ▸ सॉफ्टवेयर खोलें और Google से लॉगिन करें बटन दबाएं।
- ▸ अपना Google खाता चुनें — लॉगिन हो जाएगा।
- ▸ पहली बार ७ दिन बिल्कुल मुफ्त — कोई कार्ड नहीं चाहिए।
⚙️ चरण २ — सेटिंग भरें
सबसे पहले अपनी दुकान की जानकारी डालें:
- ▸ Dashboard → Settings पर जाएं।
- ▸ दुकान का नाम, मालिक का नाम, पता, फोन भरें।
- ▸ GSTIN और Drug License Number डालें — यह बिल पर छपेगा।
- ▸ Save बटन दबाएं।
💊 चरण ३ — दवाइयाँ जोड़ें
स्टॉक में दवाइयाँ दर्ज करें:
- ▸ Dashboard → Medicines → Add Medicine पर जाएं।
- ▸ दवाई का नाम, कंपनी, बैच नंबर, एक्सपायरी तारीख, MRP और स्टॉक भरें।
- ▸ GST % चुनें — आमतौर पर दवाइयों पर ५% या १२% होता है।
- ▸ Rack नंबर डालें — ताकि दुकान में जल्दी मिले।
- ▸ Save करें।
⚠️ Low Stock और Near Expiry की चेतावनी अपने आप आएगी।
📦 चरण ४ — खरीद दर्ज करें
वितरक से माल आने पर:
- ▸ Dashboard → New Purchase पर जाएं।
- ▸ वितरक का नाम, इनवॉइस नंबर भरें।
- ▸ दवाई का नाम, बैच, एक्सपायरी, मात्रा, खरीद मूल्य और MRP डालें।
- ▸ Save करें — स्टॉक अपने आप बढ़ जाएगा।
🧾 चरण ५ — बिल बनाएं
ग्राहक को दवाई देते समय:
- ▸ Dashboard → New Bill पर जाएं।
- ▸ मरीज़ का नाम और फोन नंबर डालें।
- ▸ दवाई का नाम टाइप करें — सूची अपने आप आएगी।
- ▸ मात्रा डालें — MRP और GST अपने आप लगेगा।
- ▸ Payment का तरीका चुनें — Cash, UPI या Credit।
- ▸ Create Bill दबाएं — बिल बन जाएगा और स्टॉक कम हो जाएगा।
- ▸ WhatsApp बटन से बिल सीधे ग्राहक को भेजें।
⚠️ Schedule H/H1 दवाई होने पर डॉक्टर का नाम और पर्चा नंबर जरूरी है — अपने आप पूछेगा।
📋 चरण ६ — Promise Order
दवाई स्टॉक में नहीं है तो:
- ▸ बिल बनाते समय अगर दवाई Out of Stock है तो Promise Order बटन दिखेगा।
- ▸ दबाने पर ग्राहक का नाम और दवाई का नाम save हो जाएगा।
- ▸ Dashboard → Promise Orders में pending list दिखेगी।
- ▸ स्टॉक आने पर Fulfilled + WhatsApp दबाएं — ग्राहक को अपने आप सूचना जाएगी।
📊 चरण ७ — रिपोर्ट देखें
- ▸ Dashboard → Reports पर जाएं।
- ▸ आज की बिक्री, महीने की बिक्री, उधारी एक नज़र में दिखेगी।
- ▸ Top 10 सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवाइयाँ देखें।
- ▸ Cash, UPI और Credit का अलग-अलग हिसाब मिलेगा।
👤 चरण ८ — मरीज़ का रिकॉर्ड
- ▸ Dashboard → Patients → Add Patient से नया मरीज़ जोड़ें।
- ▸ मरीज़ की पूरी purchase history एक जगह दिखेगी।
- ▸ उधारी कितनी बाकी है — सीधे दिखेगा।
- ▸ Send Refill Reminder से WhatsApp पर दवाई लेने की याद दिलाएं।
❓ कोई परेशानी हो तो
हम हर दिन सुबह १० बजे से शाम ७ बजे तक उपलब्ध हैं।